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सहारनपुर (सूत्रों के हवाले से) बड़ा खुलासा: भारत माता चौक के पास नगर निगम की जमीन पर कथित अवैध कब्ज़े, तीन साल पुराने नोटिसों के बावजूद कार्रवाई ठप

सिस्टम की चुप्पी पर उठे सवाल

🟥🚨सहारनपुर (सूत्रों के हवाले से) बड़ा खुलासा: भारत माता चौक के पास नगर निगम की जमीन पर कथित अवैध कब्ज़े, तीन साल पुराने नोटिसों के बावजूद कार्रवाई ठप — सिस्टम की चुप्पी पर उठे सवाल 🚨🟥

सहारनपुर (सूत्रों के हवाले से): शहर के भारत माता चौक के निकट स्थित नगर निगम की भूमि को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, जिस स्थान पर पूर्व में नगर निगम की अधिकृत दुकानें निर्मित थीं, उन्हें हटाए जाने के बाद उसी भूमि पर पक्के निर्माण कर लिए गए। इतना ही नहीं, सामने बची हुई कुछ दुकानों पर भी कथित रूप से अवैध कब्ज़ा होने की बात सामने आ रही है।

सूत्रों का दावा है कि नगर निगम द्वारा लगभग तीन वर्ष पूर्व संबंधित दुकानों और निर्माण को लेकर नोटिस जारी किए गए थे। हालांकि, नोटिस जारी होने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई धरातल पर दिखाई नहीं दी। बताया जा रहा है कि फाइलें प्रक्रिया में तो रहीं, लेकिन अंतिम निर्णय या विधिक कार्रवाई तक मामला नहीं पहुंच पाया।

कुछ स्थानीय सूत्रों का यह भी कहना है कि उस समय इस प्रकरण में कथित रूप से प्रभावशाली लोगों की दिलचस्पी बढ़ी थी, जिसके चलते कार्रवाई की रफ्तार धीमी पड़ गई। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन शहर में यह चर्चा जोरों पर है कि मामला सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया से आगे नहीं बढ़ सका।

सूत्रों के मुताबिक, जिन स्थानों पर वर्तमान में पक्के मकान खड़े हैं, वे नगर निगम की अभिलेखीय भूमि का हिस्सा बताए जा रहे हैं। यदि यह तथ्यात्मक रूप से सही है, तो यह मामला केवल अतिक्रमण का नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही का भी बन जाता है।

स्थानीय नागरिकों के बीच यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि जब शहर में अन्य स्थानों — जैसे तिबती मार्केट — पर सख्त कार्रवाई की गई थी, तब भारत माता चौक के इस मामले में समान मानदंड क्यों लागू नहीं किए गए? सूत्रों का कहना है कि कई बार शिकायतें और मौखिक आपत्तियां भी दर्ज कराई गईं, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ पाया।

हालांकि नगर निगम की ओर से इस विषय में कोई आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। सूत्रों का यह भी कहना है कि यदि प्रशासन चाहे तो पुराने नोटिसों की समीक्षा कर विधिक राय लेकर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल यह मामला चर्चाओं में है और शहरवासी यह जानना चाहते हैं कि क्या नगर निगम इस कथित अतिक्रमण पर कोई ठोस और पारदर्शी कदम उठाएगा या फिर यह मुद्दा यूं ही लंबित रहेगा।

(यह समाचार उपलब्ध सूत्रों और स्थानीय चर्चाओं के आधार पर तैयार किया गया है। आधिकारिक पुष्टि हेतु संबंधित विभाग का पक्ष आना शेष है।)

संपादक – एलिक सिंह
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
ब्यूरो प्रमुख – दैनिक आशंका बुलेटिन, सहारनपुर

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